MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 अगस्त 2026 को खजुराहो में केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा की। उन्होंने प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर परिवारों की वास्तविक स्थिति और समस्याओं को समझने, आदिवासी परिवारों की समस्याओं का संवेदनशीलता से समाधान करने और विस्थापित परिवारों को पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ उनके घर तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
खजुराहो में केन-बेतवा परियोजना को लेकर समीक्षा बैठक
मध्यप्रदेश में केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 अगस्त को खजुराहो में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में परियोजना से प्रभावित गांवों और वहां रहने वाले परिवारों की स्थिति को लेकर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित गांवों में केवल कार्यालय स्तर पर जानकारी लेने के बजाय हर घर तक पहुंचकर वास्तविक स्थिति को समझा जाए।
मुख्यमंत्री ने परिवारों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान की दिशा में प्राथमिकता से काम करने पर जोर दिया।
प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर समस्याएं समझने के निर्देश
केन-बेतवा परियोजना से जुड़े प्रभावित गांवों में रहने वाले परिवारों की स्थिति को समझने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घर-घर संपर्क करने के निर्देश दिए हैं।
इसका उद्देश्य यह जानना है कि परियोजना से प्रभावित परिवारों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और उनके लिए किस तरह की सहायता की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों की वास्तविक स्थिति को मौके पर जाकर समझा जाए, ताकि समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा सके।
आदिवासी परिवारों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनने के निर्देश
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आदिवासी परिवारों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित आदिवासी परिवारों की समस्याओं को समझकर उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।
परियोजना से जुड़े पुनर्वास और विस्थापन के मामलों में प्रभावित परिवारों की परिस्थितियों को समझना महत्वपूर्ण है। ऐसे में सरकार की ओर से स्थानीय स्तर पर संवाद और समस्या समाधान पर जोर दिया जा रहा है।
विस्थापित परिवारों को घर तक मिले सरकारी योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि विस्थापित परिवारों को उनकी पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ उनके घर तक पहुंचाया जाए।
इसका मतलब है कि पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े और संबंधित विभाग उनकी जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम करें।
हालांकि, मुख्यमंत्री के इस निर्देश में किसी एक विशेष सरकारी योजना का नाम नहीं बताया गया है। इसलिए इसे सभी पात्र सरकारी योजनाओं से संबंधित निर्देश के रूप में देखा जाना चाहिए।
नए स्थान पर बस चुके परिवारों के लिए बनेगी कार्ययोजना
समीक्षा में उन परिवारों की स्थिति पर भी ध्यान दिया गया, जिन्होंने नए स्थानों पर अपने घर बना लिए हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ऐसे परिवारों के लिए बुनियादी सुविधाओं की ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
इन सुविधाओं में मुख्य रूप से स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन जैसी आवश्यक सुविधाओं को शामिल किया गया है।
स्कूल और आंगनवाड़ी जैसी सुविधाओं पर जोर
नए स्थानों पर रहने वाले परिवारों के लिए केवल आवास उपलब्ध होना ही पर्याप्त नहीं है। उनके आसपास बच्चों की शिक्षा और अन्य जरूरी सेवाओं की व्यवस्था भी आवश्यक है।
इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने नए स्थानों पर बसे परिवारों के लिए स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र जैसी सुविधाओं की कार्ययोजना तैयार करने को कहा है।
इससे प्रभावित परिवारों के बच्चों को शिक्षा और प्रारंभिक बाल देखभाल से जुड़ी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन भी होंगे जरूरी
मुख्यमंत्री के निर्देशों में स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।
विस्थापित होकर नए स्थान पर बसे परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और सामुदायिक गतिविधियों के लिए आवश्यक स्थान महत्वपूर्ण होते हैं।
इसीलिए नए स्थानों पर आवश्यक बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए ठोस योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह भी पढ़ें – MP News: बलराम कृषि महोत्सव से किसानों को मिलेगी नई तकनीक की जानकारी, दिन में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने पर जोर
क्या है केन-बेतवा लिंक परियोजना?
केन-बेतवा लिंक परियोजना केन और बेतवा नदी बेसिन को जोड़ने वाली देश की महत्वपूर्ण नदी जोड़ो परियोजनाओं में से एक है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह परियोजना मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र को सिंचाई और पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई जा रही है।
परियोजना के तहत दौधन बांध और केन नदी से बेतवा नदी तक लिंक नहर सहित कई महत्वपूर्ण कार्य प्रस्तावित हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार परियोजना के कार्यान्वयन में भूमि अधिग्रहण तथा पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन यानी R&R जैसे कार्य भी शामिल हैं।
बुंदेलखंड के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही परियोजना
केन-बेतवा लिंक परियोजना का संबंध विशेष रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र से है। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार परियोजना से मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सिंचाई तथा पेयजल आपूर्ति को लाभ पहुंचाने की योजना है।
परियोजना के कारण जहां लंबे समय में सिंचाई और जल उपलब्धता से जुड़े लाभ मिलने की उम्मीद है, वहीं प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उनकी बुनियादी जरूरतों का समाधान भी महत्वपूर्ण विषय है।
इसी वजह से मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में प्रभावित परिवारों की समस्याओं और नए स्थानों पर उपलब्ध सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
विस्थापित परिवारों की सुविधाओं पर सरकार का फोकस
21 अगस्त की समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट है कि परियोजना के साथ प्रभावित और विस्थापित परिवारों की समस्याओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
सरकार की ओर से अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि परिवारों की वास्तविक स्थिति को मौके पर जाकर समझा जाए और पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।
वहीं जिन परिवारों ने नए स्थानों पर घर बना लिए हैं, उनके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक सुविधाओं से जुड़ी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया है।
अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों की समस्याओं को केवल प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में नहीं, बल्कि संवेदनशीलता के साथ समझने पर जोर दिया है।
विशेष रूप से आदिवासी परिवारों की समस्याओं को सुनकर उनका प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
इससे प्रभावित परिवारों के साथ स्थानीय स्तर पर संवाद बढ़ाने और उनकी वास्तविक जरूरतों को प्रशासन तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
आगे क्या होगा?
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रभावित गांवों में परिवारों की स्थिति और समस्याओं को समझने के लिए अधिकारियों द्वारा घर-घर संपर्क और समीक्षा पर जोर रहेगा।
नए स्थानों पर बस चुके परिवारों के लिए स्कूल, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन जैसी सुविधाओं की जरूरत के आधार पर कार्ययोजना तैयार की जानी है।
वहीं पात्र विस्थापित परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना को लेकर खजुराहो में हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभावित और विस्थापित परिवारों की समस्याओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर वास्तविक स्थिति समझने, आदिवासी परिवारों की समस्याओं का संवेदनशीलता से समाधान करने और पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ उनके घर तक पहुंचाने को कहा है।
इसके अलावा नए स्थानों पर घर बना चुके परिवारों के लिए स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन जैसी बुनियादी सुविधाओं की ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह भी पढ़ें – MP Kavach Yojana 2026: किसानों को मिलेगी नई राहत, लंबित ऋण जांच से प्रभावित किसानों को फिर मिलेगा कर्ज का मौका