MP News: किसानों के लिए बड़ी खबर, 20 अगस्त से Farmer ID अभियान शुरू, CM मोहन यादव ने कहा- सभी किसान जरूर बनवाएं

MP News: मध्यप्रदेश में किसानों की Farmer ID बनाने का अभियान 20 अगस्त 2026 से शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवपुरी के पिपरसमा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में नई दिल्ली से वर्चुअली जुड़कर किसानों से Farmer ID जरूर बनवाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को इसके लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने या लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी।

20 अगस्त से शुरू हुआ Farmer ID बनाने का अभियान

मध्यप्रदेश में किसानों की Farmer ID बनाने का विशेष अभियान 20 अगस्त 2026 से शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से अपनी Farmer ID जरूर बनवाने की अपील की है।

मुख्यमंत्री ने 22 अगस्त को नई दिल्ली से शिवपुरी जिले की कृषि उपज मंडी पिपरसमा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में चल रहे Farmer ID अभियान की जानकारी किसानों के साथ साझा की।

किसानों के पास पहुंचेंगे सरकारी दल

Farmer ID अभियान की खास बात यह है कि किसानों को इसके लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।

मुख्यमंत्री के अनुसार शासकीय दल किसानों के पास जाकर उनकी Farmer ID बनाने में मदद करेंगे। इससे किसानों को लंबी कतारों में खड़े होने और बार-बार कार्यालय जाने से राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी किसानों से अपील की है कि वे इस अभियान के तहत अपनी Farmer ID जरूर बनवाएं।

Farmer ID को लेकर किसानों के लिए क्या खास है?

Farmer ID डिजिटल कृषि व्यवस्था में किसान की पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है। मध्यप्रदेश में इसे किसानों को डिजिटल कृषि सेवाओं से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।

हालांकि, मुख्यमंत्री के इस ताजा संदेश में Farmer ID के जरिए मिलने वाले सभी संभावित लाभों की पूरी सूची नहीं बताई गई है। इसलिए किसानों को केवल उन्हीं लाभों पर भरोसा करना चाहिए जिनकी जानकारी सरकार या संबंधित विभाग द्वारा आधिकारिक रूप से जारी की जाए।

Farmer ID बनवाने के लिए किसानों को नहीं लगानी होगी लंबी लाइन

किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार Farmer ID बनाने की प्रक्रिया को गांव और किसान के नजदीक ले जाने पर जोर दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को अब न भटकना पड़ेगा और न ही लंबी लाइनों में लगना होगा, बल्कि सरकारी दल किसानों तक पहुंचकर Farmer ID बनाने का काम करेंगे।

इससे खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के लिए प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।

शिवपुरी में बलराम कृषि महोत्सव में शामिल हुए CM

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवपुरी जिले की कृषि उपज मंडी, पिपरसमा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को नई दिल्ली से वर्चुअली संबोधित किया।

कार्यक्रम में किसानों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातों पर चर्चा हुई। Farmer ID के अलावा मुख्यमंत्री ने खाद की उपलब्धता, कृषि ऋण और किसानों की आय बढ़ाने के लिए पारंपरिक खेती के साथ अन्य गतिविधियों को अपनाने की बात भी कही।

किसानों से पारंपरिक खेती के साथ दूसरे क्षेत्रों को अपनाने की अपील

मुख्यमंत्री ने किसानों से केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित नहीं रहने की अपील की।

उन्होंने बागवानी, डेयरी फार्मिंग, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसे आयवर्धक क्षेत्रों को भी अपनाने की बात कही। उद्देश्य किसानों की आमदनी के लिए खेती के साथ अतिरिक्त विकल्प विकसित करना है।

खाद को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कही बड़ी बात

बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री ने किसानों को खाद को लेकर चिंता नहीं करने की बात कही।

उन्होंने बताया कि सरकार ने किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अग्रिम खाद उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, ताकि पैसों की कमी कृषि कार्यों में बाधा न बने।

इसके साथ ही e-Vikas 2.0 को अधिक किसान हितैषी बनाने और किसानों को अपनी जरूरत के अनुसार खाद लेने की सुविधा देने की बात भी सामने आई।

e-Vikas 2.0 से खाद खरीदने में मिलेगी सुविधा

मुख्यमंत्री ने बताया कि e-Vikas 2.0 व्यवस्था को अधिक सरल और किसान हितैषी बनाया गया है।

इसके तहत किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार किसान अपनी पसंद का कोई एक उर्वरक बिना किसी अनिवार्य संयोजन के खरीद सकेंगे।

यह बदलाव खाद वितरण व्यवस्था को किसानों की वास्तविक जरूरत के अनुसार अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

किसानों के कृषि ऋण को लेकर भी बदलाव

शिवपुरी के बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री ने कृषि ऋण से जुड़ी समय-सीमा को लेकर भी जानकारी दी।

उनके अनुसार किसानों के लिए 31 मार्च तक ऋण चुकाने की अनिवार्य समय-सीमा समाप्त कर दी गई है। अब किसान एक वर्ष के भीतर अपनी सुविधा के अनुसार ऋण चुका सकेंगे।

इससे किसानों को अपनी फसल और आय के हिसाब से ऋण चुकाने में अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।

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Farmer ID अभियान किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

कृषि क्षेत्र में सरकारी सेवाओं और योजनाओं को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने का काम लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में किसान की डिजिटल पहचान तैयार करना इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।

Farmer ID के माध्यम से किसान की कृषि संबंधी जानकारी को डिजिटल सिस्टम से जोड़ने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस अभियान के तहत मिलने वाली सभी सेवाओं और लाभों की विस्तृत जानकारी मध्यप्रदेश सरकार की ओर से अलग-अलग स्तर पर जारी की जा सकती है।

इसलिए किसानों को Farmer ID से संबंधित जानकारी के लिए अपने क्षेत्र में पहुंचने वाले शासकीय दल या संबंधित कृषि विभाग से जानकारी लेना बेहतर रहेगा।

किसानों को क्या करना चाहिए?

यदि आपके गांव या क्षेत्र में Farmer ID बनाने के लिए शासकीय दल पहुंचते हैं, तो किसान उनसे अभियान की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी ले सकते हैं।

किसानों को अपनी व्यक्तिगत और आधार संबंधी जानकारी केवल अधिकृत सरकारी व्यवस्था में ही उपलब्ध करानी चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध लिंक पर आधार, बैंक या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

निष्कर्ष

मध्यप्रदेश में किसानों की Farmer ID बनाने का अभियान 20 अगस्त 2026 से शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवपुरी के पिपरसमा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में नई दिल्ली से वर्चुअली जुड़कर प्रदेश के किसानों से Farmer ID जरूर बनवाने की अपील की है।

मुख्यमंत्री के अनुसार किसानों को Farmer ID बनवाने के लिए लंबी कतारों में लगने या बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। शासकीय दल किसानों तक पहुंचकर Farmer ID बनाने में मदद करेंगे।

बलराम कृषि महोत्सव के दौरान खाद, e-Vikas 2.0, कृषि ऋण और किसानों की आय बढ़ाने के लिए अन्य गतिविधियों को अपनाने से जुड़ी बातें भी सामने आईं। ऐसे में आने वाले समय में Farmer ID अभियान मध्यप्रदेश की डिजिटल कृषि व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।

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  • Founder & CEO Uday Patel

    उदय पटेल ApnaKal के Founder & CEO हैं। वे मध्य प्रदेश समाचार, सरकारी योजनाओं और जनहित से जुड़े विषयों पर लेख लिखते हैं।

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