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मध्यप्रदेश में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस, बाघों की संख्या पहुंची 800 – MP बना “टाइगर स्टेट”

मध्यप्रदेश: नमस्कार दोस्तों, आज मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह में भाग लिया। यह महज़ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि मध्यप्रदेश की वन संपदा, उसके समर्पित रक्षकों और “टाइगर स्टेट” की प्रतिष्ठा को और अधिक मजबूत करने का एक प्रेरणादायक क्षण था।

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने वन सुरक्षा समितियों, ईको विकास समितियों ग्राम वन समितियों और वन विभाग के कर्मियों को सम्मानित किया। उन्होंने साफ कहा, हमारी धरती पर बाघ जैसे शेरदिल जीव की संख्या बढ़ना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि यह दर्शाता है कि हमारे प्रयास सही दिशा में हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में बाघों की संख्या अब लगभग 800 तक पहुंच चुकी है, जो वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में राज्य की एक बड़ी उपलब्धि है।

‘चीता प्रोजेक्ट’ की सफलता का राज

आपको बता दें वन मित्रों, चीता मित्रों और समर्पित वन अधिकारियों की वजह से ‘चीता प्रोजेक्ट’ आज सफलता की ऊंचाइयों को छू रहा है। मुख्यमंत्री ने इन सभी को खासतौर पर धन्यवाद दिया और कहा कि “यह सिर्फ प्रोजेक्ट नहीं बल्कि हमारी विरासत को सहेजने की जिम्मेदारी है जिसे हम सबने मिलकर निभाया है।

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कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी घोषणा की कि जबलपुर में वीरांगना रानी दुर्गावती जी के नाम पर एक जू एवं वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही उज्जैन में भी एक आधुनिक रेस्क्यू सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि ये जू पारंपरिक चिड़ियाघर नहीं होंगे, बल्कि यह वन्यजीवों के संरक्षण, पुनर्वास और रेस्क्यू मिशन के लिए समर्पित विशेष केंद्र होंगे।

मध्यप्रदेश बना “टाइगर स्टेट”

मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देशवासियों को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस की बधाई देते हुए कहा बाघ सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की पहचान है। टाइगर स्टेट का गौरव हमारे वन्यजीव प्रेम और सतत प्रयासों का प्रतीक है। उन्होंने यह भी बताया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में राज्य का वन क्षेत्र निरंतर समृद्ध हो रहा है और अभयारण्यों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है।

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